श्योपुर23 जनवरी 26
दिसंबर 2025 में हुई लाखों की चोरी का खुलासा अब तक नहीं हो पाने से श्योपुर कोतवाली थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पटवारी कॉलोनी के सामने रहने वाले फरियादी निशान सिंह के सूने मकान से चोर ने सोने-चांदी के जेवरात एवं नगद 80 हजार रुपये पर हाथ साफ कर दिया था, लेकिन घटना के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस चोर को पकड़ने में नाकाम रही है।
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पीड़ित निशान सिंह ने बताया कि चोरी की पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। फुटेज में चोर साफ दिखाई दे रहा था, जिसकी पहचान फरियादी, आसपास के पड़ोसियों एवं कॉलोनीवासियों ने कर ली थी। इतना ही नहीं, फरियादी स्वयं पुलिस को आरोपी के घर तक लेकर गया, जहां सीसीटीवी में दिख रहा वही व्यक्ति मौजूद था।
आरोप है कि पुलिस ने मौके पर आरोपी से बातचीत की, उसका वीडियो भी बनाया, लेकिन उसे गिरफ्तार करने के बजाय छोड़ दिया। फरियादी का कहना है कि जब चोर सामने खड़ा था, पहचान भी हो चुकी थी और पूछताछ भी की गई, तो फिर उसे पकड़ा क्यों नहीं गया—यह सबसे बड़ा सवाल है।
पीड़ित निशान सिंह का आरोप है कि पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती और आरोपी से मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। इसी को लेकर फरियादी ने पुलिस अधीक्षक एवं चंबल आईजी को आवेदन देकर दो पुलिस आरक्षक दिलीप शर्मा और अजरुद्दीन खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में दोनों पुलिसकर्मियों पर चोर से मिलीभगत, गाली-गलौज और दबाव बनाकर शिकायत न करने देने के आरोप लगाए गए हैं।
फरियादी ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात वह अपने परिवार के साथ ग्वालियर के डबरा गया हुआ था। घर सूना देख चोर ने अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगद 80 हजार रुपये चोरी कर लिए। चोरी की सूचना देने और प्रगति जानने के लिए जब भी संबंधित पुलिसकर्मियों को फोन किया गया, तो कथित तौर पर गाली-गलौज कर बात की गई।
पीड़ित का कहना है कि कोतवाली थाना पुलिस का प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में है। एक माह पूर्व एक चोर को पकड़ने के बाद भी उसे मौके से ही छोड़ दिया गया, जिससे आमजन में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। अब पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और जल्द से जल्द चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का माल बरामद किया जाए।
