ग्वालियर/श्योपुर दिनांक 8/10/25
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग पद से बर्खास्त, अध्यक्षीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निलंबित
मध्य प्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अहम फैसला सुनाते हुए श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग को उनके पद से हटा दिया है। अदालत ने आदेश में कहा कि रेणु गर्ग अब से नगर पालिका अध्यक्ष के अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकेंगी। यह निर्णय नगर पालिका चुनाव 2022 में कथित अनियमितताओं और प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया गया।
यह मामला सीआर संख्या 175/2024 (सुमेर सिंह बनाम श्रीमती रेणु गर्ग एवं अन्य) के रूप में दर्ज था, जिसकी सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति जी.एस. अहलूवालिया की एकलपीठ में हुई।
🔹 क्या है पूरा मामला
श्योपुर नगर पालिका के चुनाव वर्ष 2022 में संपन्न हुए थे। परिणाम घोषित होने के बाद रेणु गर्ग ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला।
लेकिन चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं, मतगणना की पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रियाओं के उल्लंघन को लेकर याचिकाकर्ता सुमेर सिंह द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
याचिका में कहा गया कि नगर पालिका अधिनियम की धारा 20 के तहत अध्यक्ष के चुनाव परिणाम का राजपत्र (गजट) में प्रकाशन अनिवार्य है, जो इस मामले में नहीं किया गया। इस पर अदालत ने गंभीर रुख अपनाते हुए पूछा कि यदि चुनाव का प्रकाशन राजपत्र में नहीं हुआ, तो प्रतिवादी संख्या 1 (रेणु गर्ग) ने अध्यक्ष पद का कार्यभार कैसे संभाल लिया
🔹 अदालत ने उठाए तीखे सवाल
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या रेणु गर्ग के चुनाव की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हुई थी? यदि नहीं, तो उन्हें अध्यक्ष पद का कार्यभार सौंपने की वैधानिक प्रक्रिया क्या थी?
अदालत ने टिप्पणी की —
> “यदि राजपत्र अधिसूचना आवश्यक थी और उसका पालन नहीं हुआ, तो प्रतिवादी संख्या 1 का पद पर बने रहना कानूनी रूप से असंगत है।”
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति में अध्यक्ष के रूप में रेणु गर्ग के अधिकारों का प्रयोग तत्काल प्रभाव से रोका जा सकता है।
🔹 अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को
मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2025, प्रातः 10:30 बजे निर्धारित की गई है। अदालत ने राज्य सरकार और प्रतिवादी पक्ष को निर्देश दिया है कि वे इस संबंध में अपना विस्तृत जवाब लिखित रूप में प्रस्तुत करें।
🔹 राजनीतिक हलचल तेज
हाईकोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद श्योपुर नगर की राजनीति में भूचाल आ गया है। नगर पालिका के सत्ता संतुलन पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।
स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाओं और सियासी समीकरणों की गर्मी तेज हो गई है।
नगर के कई पार्षदों और दलों के बीच अब नए गठबंधन और पदस्थापनाओं की अटकलें शुरू हो गई हैं।
विशेषज्ञों की राय:
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगली सुनवाई में राजपत्र अधिसूचना के अभाव की पुष्टि होती है, तो रेणु गर्ग का चुनाव कानूनी रूप से निरस्त माना जा सकता है। इससे नगर पालिका में अध्यक्ष पद पर पुनः निर्वाचन की स्थिति बन सकती है।
