मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5,328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यदि बाजार में फसल इससे कम दाम पर बिकती है, तो सरकार अंतर की राशि सीधे किसानों को उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि मंडियों पर लगातार निगरानी रखें और किसानों को सही मूल्य मिले, साथ ही जनप्रतिनिधियों को मंडियों का दौरा कर किसानों से संवाद बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि बिल के समय सही भाव दर्ज हों, ताकि किसानों को भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। ई-उपार्जन पोर्टल पर सोयाबीन के लिए पंजीकरण 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025 तक किया जा सकता है। सभी पात्र किसानों से समय पर पंजीकरण कराने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान, डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य, उप संचालक कृषि मुनेश शाक्य, सहायक संचालक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र शुभम अग्निहोत्री, मंडी सचिव एसडी गुप्ता एवं डीएमओ मार्कफेड सतेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
