आज भी दो डॉक्टरो की टीम गांव में रही मौजूद ,कोई नया मरीज नही मिला
हैंजा के लक्षण नही पाये गये
श्योपुर, 25 अगस्त 2024
विजयपुर विकासखण्ड के ग्राम ओछापुरा के पास पहाडी सहराना में शुक्रवार की तडके उल्टी दस्त की बीमारी की सूचना पर शुक्रवार को ही सुबह 8 बजे तक रेपिड रेस्पोंन्स टीम गांव पहुंच गई थी तथा बीमारी की रोकथाम एवं उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके साथ ही टीम द्वारा 8 लोगों को सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच प्रारंभिक उपचार देकर बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए जिला चिकित्सालय में एम्बुलेंस के माध्यम से शिफ्ट कराने के लिए रैफर कर दिया था। इसके बाद टीम शुक्रवार को दिनभर स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में जुटी रही तथा आवश्यकतानुसार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से 51 अन्य लोगों को एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय में शिफ्ट कराने की कार्यवाही की गई।
सीएमएचओ डॉ जेएस राजपूत ने बताया कि गांव में उल्टी दस्त फेलने की सूचना ओछापुरा के सीएचओ द्वारा दी गई थी, सूचना के 2 से 3 घंटे के भीतर रेस्पोंन्स टीम डॉ जितेन्द्र रावत के नेतृत्व में गांव पहुंच गई थी तथा उपचार शुरू कर दिया गया था। साथ ही जरूरत के अनुसार 8 लोगों को सुबह 8 बजे ही गांव से एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय के लिए रवाना किया गया था।
उन्होने बताया कि कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड द्वारा गत शनिवार को गांव का भ्रमण कर लोगों से चर्चा की गई तथा उल्टी दस्त की बीमारी फेलने के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए विभागीय अधिकारियों को इसके कारणों का पता लगाने के निर्देश के साथ ही गांव में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीमों से चर्चा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया एवं उपचार व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
सीएमएचओ डॉ राजपूत ने बताया कि कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड के निर्देशानुसार आज 25 अगस्त को भी ओछापुरा पहाडी सहराने में डॉ जितेन्द्र रावत एवं डॉ असद अंसारी, सीएचओ दिव्या बघेल, एएनएम, आशा कार्यकर्ता की टीम द्वारा घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, उन्होने कहा कि कोई नया मरीज नही मिला है और स्थिति सामान्य है तथा कोई गंभीर समस्या नही है। कल 26 अगस्त को भी स्वास्थ्य टीम ग्राम में निगरानी रखेगी।
सीएमएचओ डॉ राजपूत ने बताया कि अस्पताल में भर्ती उल्टी दस्त के रोगियों को समुचित उपचार की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है तथा रोग नियंत्रण कर लिया गया है। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में नजर रख रही है। उल्टी दस्त की बीमारी के फैलने के कारणो का पता लगाने के लिए रोगियों के स्टूल सैम्पल लिये गये है, इसके अलावा पानी के स्त्रोत के सैम्पल भी लिये गये है, जिसे जांच के लिए पीएचई विभाग की लैब को भेजा गया है।
हैंजा के लक्षण नही पाये गये
सीएमएचओ डॉ जेएस राजपूत ने बताया कि ओछापुरा के पहाडी सहराना में सभी रोगियों को पेट दर्द व उल्टी दस्त की शिकायत पाई गई है, जो कि एमीबिक डिसेन्ट्री बीमारी की श्रेणी में आता है, जबकि हैजा की बीमारी में दर्द रहित पानी जैसे दस्त लगते है, इस प्रकार के लक्षण रोगियो में नही पाये गये है। उन्होने कहा कि यह उल्टी दस्त की बीमारी है, जो कि सामान्य रूप से एमीबिक डिसेन्ट्री है, यह हैजा की बीमारी नही है।
