श्योपुर बनेगा नया टूरिज्म हब! कुंवारी नदी में वाटर स्पोर्ट्स की तैयारी तेज

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एमपी टूरिज्म की टीम ने किया भौतिक निरीक्षण, विजयपुर किला और कुंवारी नदी को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में बढ़ा बड़ा कदम

श्योपुर, 28 जून26

CrimeNationalNews  श्योपुर जिले को मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। जिला प्रशासन की पहल पर मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की तकनीकी टीम ने रविवार को इकलौद स्थित कुंवारी नदी का भौतिक निरीक्षण कर यहां प्रस्तावित वाटर स्पोर्ट्स और बोटिंग प्रोजेक्ट की संभावनाओं का आकलन किया।

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के उपयंत्री राहुल शर्मा अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ चयनित स्थल पर पहुंचे, जहां नदी की गहराई, चौड़ाई और अन्य तकनीकी मानकों का विस्तृत सर्वे एवं नापजोख की गई।

पर्यटन विकास की दिशा में तेज हुई तैयारी

अपर कलेक्टर एवं नोडल पुरातत्व-पर्यटन परिषद रूपेश उपाध्याय ने बताया कि पर्यटन बोर्ड की टीम ने इससे पहले 4 जून को भी जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का निरीक्षण किया था। उसी कड़ी में अब तकनीकी सर्वे कर परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय संत रामचरणदास, बीनू पंडित, ब्रजभूषण पाराशर, फेरन कुशवाह, संतोष कुशवाह, मुकेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।  EcoTourismhttp://EcoTourism

विजयपुर किले में हेरिटेज होटल की संभावना VijaypurFort

पर्यटन बोर्ड ने 4 जून को विजयपुर किले का भी विस्तृत निरीक्षण किया था। इस दौरान लगभग 8 हजार वर्ग मीटर भूमि को संभावित हेरिटेज होटल परियोजना के लिए उपयुक्त माना गया था।

यदि यह योजना साकार होती है तो विजयपुर किला पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।  KunwariRiver

कुंवारी नदी बनी आकर्षण का केंद्र

गोपालदास बाबा समाधि स्थल के समीप बहने वाली कुंवारी नदी में लगभग 3 से 4 किलोमीटर लंबाई तक 15 से 20 फीट गहरा जलभराव वर्षभर बने रहने की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों ने पर्यटन अधिकारियों को दी। WaterSports

ग्रामीणों के अनुसार यह जल स्रोत कभी नहीं सूखता, जिससे यहां वर्षभर बोटिंग और अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं।

बर्ड वॉचिंग और इको-टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि नदी के आसपास घने वृक्षों का प्राकृतिक क्षेत्र और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी इस स्थान को बर्ड वॉचिंग, इको-टूरिज्म और नेचर टूरिज्म के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।  #MPTourism

यदि परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो श्योपुर जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन से खुलेगा विकास का नया द्वार #SheopurNews

जिला प्रशासन का मानना है कि वाटर स्पोर्ट्स, बोटिंग और हेरिटेज पर्यटन जैसी परियोजनाएं श्योपुर को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेंगी। इससे स्थानीय रोजगार, होटल व्यवसाय, परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने के साथ जिले में पर्यटन आधारित विकास का नया अध्याय शुरू हो सकेगा।

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