जिले के अधिकारी अब स्कूलों में बच्चों के साथ बैठकर करेंगे मध्यान्ह भोजन — हर सप्ताह होगी मॉनिटरिंग व समीक्षा
श्योपुर, 09 नवंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के विद्यालयों में यदि किसी भी स्वसहायता समूह द्वारा मैन्यू अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है, तो ऐसे समूहों को तत्काल प्रभाव से हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही लंबे समय से निष्क्रिय बने सीएसी को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को निर्धारित मैन्यू व प्रोटोकॉल अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रत्येक स्कूल की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कलेक्टर वर्मा आज जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री सौम्या आनंद, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन, श्री विजय शाक्य, शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, बीईओ, बीआरसी, संकुल प्राचार्य और सीएसी मौजूद रहे।
5-5 स्कूलों की जिम्मेदारी अधिकारियों को
कलेक्टर ने बताया कि लगभग सवा सौ अधिकारी (जिला एवं विकासखंड स्तर के) को 5-5 विद्यालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी नियमित भ्रमण करेंगे और स्कूल में विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट प्रत्येक माह प्रस्तुत की जाएगी।
निष्क्रिय सीएसी होंगे हटाए, अनुबंध रद्द होंगे
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्कूल में भोजन की गुणवत्ता या मैन्यू में कमी पाई जाती है तो संबंधित समूह का अनुबंध तत्काल निरस्त किया जाएगा।
साथ ही एक ही स्थान पर 10 वर्षों से कार्यरत सीएसी को हटाने के निर्देश भी दिए।
एमडीएम की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य
कलेक्टर ने कहा कि मध्यान्ह भोजन की दैनिक जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है।
सीईओ जिला पंचायत सुश्री सौम्या आनंद ने निर्देश दिए कि जो सीएसी या शाला प्रभारी ऐसा नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गोरस, बरगवा, उतनवाड़, ढोढर, गोहटा, गोहेड़ा, ननावद, गढ़ी सहित कई क्षेत्रों के सीएसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एसडीएम लेंगे स्वसहायता समूहों की बैठक
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अनुभागों में संचालित विद्यालयों में भोजन उपलब्ध करा रहे स्वसहायता समूहों के अध्यक्षों एवं सचिवों की बैठक लें। उन्हें हिदायत दी जाए कि बच्चों को मैन्यू अनुसार और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करें।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
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सभी विद्यालयों में एमडीएम का दिनवार मैन्यू प्रदर्शित किया जाए।
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स्टाफ सूची और मध्यान्ह भोजन प्रभारी का नाम भी प्रदर्शित रहे।
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टॉयलेट की व्यवस्था और बर्तनों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
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एक सप्ताह के भीतर सभी अधिकारी अपने-अपने स्कूलों का भ्रमण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
कलेक्टर ने कहा कि “मध्यान्ह भोजन योजना बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
