बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कलीम भारतीय ने की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो राष्ट्रीय पदाधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष संगठन में रहते हुए भी अब तक गौ माता के हित में कोई कार्यक्रम नहीं कर पाए हैं तथा विधानसभा से लेकर जिला स्तर तक संगठन का विस्तार नहीं कर रहे हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का जवाब न मिलने पर ऐसे पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से संगठन से निष्कासित किया जाएगा। वहीं जो पदाधिकारी सक्रिय रूप से गौ माता के प्रति कार्य कर रहे हैं, वे अपने पद पर बने रहेंगे।
संगठन ने निर्णय लिया कि पूरे देश में एक नया संदेश लेकर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। संगठन का मुख्य उद्देश्य गौ माता के गोबर-गोमूत्र से रोजगार के साधन विकसित करना, गौशालाओं का निर्माण एवं पंजीकरण कराना और बायोगैस प्लांट लगाकर ग्रामीण स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। कलीम भारतीय ने कहा कि गौ माता के प्रति निष्ठा और निस्वार्थ सेवा करने वाले गौ सेवकों को संगठन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों में देसी खाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। आजादी के समय देश में 78 करोड़ से अधिक गौवंश थे, लेकिन कत्लखानों, तस्करी, पॉलिथीन प्रदूषण और कुपोषण के कारण यह संख्या घटकर मात्र 12 करोड़ से भी कम रह गई है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने बताया कि संगठन का विस्तार देश के 26 प्रांतों में किया जा चुका है और शीघ्र ही जूम मीटिंग के माध्यम से समीक्षा की जाएगी।
बैठक में गोचर भूमि संरक्षण, गोबर-गोमूत्र से बने उत्पादों, जैविक खाद, औषधियों एवं मूर्ति निर्माण जैसे कार्यों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही गौ तस्करी और गोचर भूमि पर अतिक्रमण की समस्या पर गहन विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया कि प्रत्येक गौ रक्षक मुकदमा दर्ज होने से लेकर गौशाला तक की प्रक्रिया का पूरा दस्तावेज एवं वीडियोग्राफी सुरक्षित रखे। संगठन इस प्रक्रिया में न्यायालय तक सहयोग करेगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न हो।
बैठक में विभिन्न प्रदेश पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किए गए और गौ रक्षा के संकल्प को पुनः दोहराया गया।
