श्योपुर, 16 अप्रैल 2026
श्योपुर में जमीन घोटाले पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए फर्जी तरीके से हासिल की गई करोड़ों की भूमि पर कब्जा वापस ले लिया है। अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय की अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए ग्राम विरमपुरा की करीब 24 बीघा जमीन को शासकीय घोषित कर दिया।
प्रकरण क्रमांक 0098/निगरानी/2024-25 में सुनवाई करते हुए अदालत ने पाया कि जमीन के पट्टे कूटरचित (फर्जी) तरीके से हासिल किए गए थे। इसके चलते वर्ष 1997 में नायब तहसीलदार द्वारा पारित आदेश को निरस्त कर दिया गया।
इन नामों से छीनी गई जमीन
जांच में सामने आया कि अलग-अलग सर्वे नंबरों की भूमि पर अशोक कुमार, कृष्णा बाई, गुरुदयाल सिंह और मलखान के नाम पर गलत तरीके से पट्टे जारी कराए गए थे। अदालत ने सभी पट्टों को निरस्त करते हुए जमीन को शासन के खाते में दर्ज करने के आदेश दिए।
कुल 5.006 हेक्टेयर जमीन, कीमत करीब 2 करोड़
निर्णय के तहत कुल 5.006 हेक्टेयर (लगभग 24 बीघा) भूमि को शासकीय घोषित किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
👉 इस कार्रवाई को प्रशासन का बड़ा संदेश माना जा रहा है कि फर्जीवाड़े से जमीन हड़पने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है।
