- 18 पटवारी घोटाले में फंसे, अभियोजन की मंजूरी”
- 👉 “भ्रष्टाचार पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, 18 पटवारी निशाने पर”
श्योपुर, 03 अप्रैल 2026
CrimeNationalNews जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने 18 पटवारियों के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। सभी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप हैं।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस तेजी से काम कर रही है और उसने बुधवार को मानपुर थाना क्षेत्र के करीरिया गांव से राम अवतार सुमन और उसके पिता हरि प्रसाद सुमन के साथ ही योगेश गौतम, धीरज सुमन को गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हें न्यायालय से जेल भेज दिया गया है।
Corruption जानकारी के अनुसार, थाना बडौदा के अपराध क्रमांक 439/23 में धारा 420, 467, 468, 409, 120-बी भादवि एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज है। इसी प्रकरण में एसडीओपी बडौदा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर अभियोजन की अनुमति दी गई है। CollectorAction
GovernmentAction अधीक्षक भू-अभिलेख कुलदीप बोहरे ने बताया कि जिन 18 पटवारियों के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है, उनमें
PatwariScam मेवाराम गोरछिया, हेमन्त मित्तल, राजकुमार शर्मा, महेन्द्र सिंह जाटव, सुमित देशलेहरा, योगेश जिन्दल, विनोद भूषण, अखिलेश जैन, भोलाराम गुप्ता, हुकुमचंद बिसारिया, राजवीर जाटव, बृजराज मीणा, रामनरेश जाटव, रामदयाल जागा, सोनेराम धाकड़, नीतेश मीणा, संजय रावत और शंकरलाल मर्सकोले शामिल हैं।
इनमें से शंकरलाल मर्सकोले वर्तमान में छिंदवाड़ा जिले की सौसर तहसील में पदस्थ हैं, जबकि शेष 17 पटवारी श्योपुर जिले की विभिन्न तहसीलों में पदस्थ हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
