जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ी सेवा में एक दिन की देरी पर कार्रवाई, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लगा दंड
श्योपुर, 16 जून 2026
CrimeNationalNews लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत गलमान्या के पंचायत सचिव हरजीत मीणा पर सेवा प्रदाय में लापरवाही बरतने के मामले में 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। SheopurNews
GalmanyaPanchayat ActionOnNegligence PanchayatSecretary कलेक्टर शीला दाहिमा के निर्देश पर की गई कार्रवाई के तहत जिला रजिस्ट्रार लोक सेवा प्रबंधन गिर्राज शर्मा ने पंचायत सचिव हरजीत मीणा पर यह शास्ति अधिरोपित की है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत गलमान्या निवासी रामदयाल वाल्मीकि ने लोक सेवा केंद्र के माध्यम से जन्म का अप्राप्यता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा में आवेदन का निराकरण किया जाना था, लेकिन संबंधित पंचायत सचिव ने एक दिन की देरी से प्रकरण का निराकरण किया।
समय सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायत सचिव पर 500 रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। PublicServiceGuaranteeAct
लापरवाही पर प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित अवधि में सेवाएं नहीं देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
क्या है लोक सेवा गारंटी अधिनियम?
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यदि संबंधित अधिकारी तय समय में सेवा प्रदान नहीं करता है, तो उसके खिलाफ आर्थिक दंड सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है। MadhyaPradesh
प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शासन की सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाना है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
