#28वें_स्थापना_दिवस_पर_गूंजा_श्योपुर_का_गौरव : “चीता प्रोजेक्ट ने दिलाई विश्व पहचान”

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##कलेक्टर शीला दाहिमा बोलीं — विविधताओं से भरा श्योपुर विकास की नई उड़ान पर, युवा बनें प्रकृति संरक्षण के भागीदार

श्योपुर , 25 मई 2026  Crime National News

श्योपुर जिला गठन के 28वें स्थापना दिवस पर रविवार को पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में श्योपुर की संस्कृति, विकास और प्राकृतिक वैभव का गौरवपूर्ण चित्र सामने आया। कार्यक्रम में कलेक्टर शीला दाहिमा ने कहा कि श्योपुर केवल एक जिला नहीं, बल्कि विविध संस्कृतियों, प्राकृतिक संपदा और संभावनाओं से भरी जीवंत पहचान है। आज यह जिला स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

“चीता प्रोजेक्ट ने बदली श्योपुर की तस्वीर”

कलेक्टर शीला दाहिमा ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क और चीता प्रोजेक्ट ने श्योपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। 60 प्रतिशत वन क्षेत्र से आच्छादित यह जिला प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है। राजस्थानी संस्कृति, विजयपुर की ब्रजभाषी लोक परंपरा और कराहल की सहरिया संस्कृति श्योपुर को विशेष पहचान देती है।

उन्होंने कहा कि विकास केवल भवन और सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और संस्कृति को बचाते हुए आगे बढ़ना ही असली प्रगति है।

युवाओं को दिया बड़ा संदेश

कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करते हुए कलेक्टर ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा—

“सोशल मीडिया मंजिल नहीं, केवल एक माध्यम है। इसका उपयोग अपनी प्रतिभा, सकारात्मक सोच और रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए करें।”

उन्होंने युवाओं से जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

हर घर में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम” MPNews

कलेक्टर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भूजल संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में हर नागरिक का दायित्व है कि वह अपने घर और संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए। उन्होंने “दाना-पानी अभियान” का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन पक्षियों और बेजुबान जीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

जिला बनाओ आंदोलन के संघर्ष को किया याद 28YearsOfSheopur 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कैलाश नारायण गुप्ता ने 1972 से शुरू हुए जिला बनाओ आंदोलन की यादें साझा करते हुए कहा कि 25 मई 1998 को श्योपुर को जिला बनाने का सपना साकार हुआ था। उन्होंने आंदोलन में शहीद हुए जुम्मा खान, गप्पूलाल मंगल, वजीर खान और मुंशी मोहम्मद हुसैन को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि आज श्योपुर मेडिकल कॉलेज, ब्रॉडगेज रेलवे लाइन, एनएच-552, सिंचाई परियोजनाओं और डीआरडीओ जैसी बड़ी उपलब्धियों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है।

“कभी कालापानी कहलाता था श्योपुर”  RainWaterHarvesting 

इतिहासकार और पुरातत्वविद कैलाश पाराशर ने कहा कि एक समय श्योपुर को दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्र के रूप में “कालापानी” कहा जाता था, लेकिन आज चीता प्रोजेक्ट ने इसे वैश्विक मंच पर पहुंचा दिया है। उन्होंने जिले की ऐतिहासिक धरोहरों, बावड़ियों और प्राचीन संरचनाओं के संरक्षण की सराहना की।

विकास कार्यों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र  MadhyaPradesh

कार्यक्रम से पहले कलेक्टर शीला दाहिमा ने शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई विकास कार्यों की प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में जिले की शिक्षा, सड़क, पर्यटन, सिंचाई और अधोसंरचना विकास से जुड़े मॉडल और तस्वीरें प्रदर्शित की गईं।  KunoNationalPark

अधिकारियों और समाजसेवियों की रही मौजूदगी  CheetahProject

कार्यक्रम में अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, एसडीएम गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, विजय शाक्य, प्राचार्य डॉ. ओपी शर्मा, बीईओ मधु शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, समाजसेवी, शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।

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