TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक एकजुट: डेढ़ लाख शिक्षकों को राहत देने की मांग, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

0
4
Spread the love

श्योपुर, 08 अप्रैल 2026  

CrimeNationalNews  जिले में अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने TET की अनिवार्यता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री के नाम बड़ा ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने TET से मुक्ति और सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करने की मांग उठाई है।

BreakingNews  ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया, जिसमें बताया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा नॉन-TET शिक्षकों को TET पास करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जो नियमों और न्यायालय के आदेश के विपरीत है।

NCTE नियम और सुप्रीम कोर्ट का हवाला TETIssue

शिक्षक संगठनों ने अपने ज्ञापन में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 10 अगस्त 2010 की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि—

  • 03 सितंबर 2001 से पहले नियुक्त शिक्षक
  • 03 सितंबर 2001 के बाद के संविदा शिक्षक
  • 2011 से 2014 के बीच गुरूजी से संविदा शिक्षक बने कर्मचारी

को TET से छूट का प्रावधान है।

साथ ही Supreme Court of India के निर्णय में भी इस छूट का उल्लेख होने के बावजूद विभागीय आदेशों में इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।

TeacherProtest  सरकार के आदेश निरस्त करने की मांग

मोर्चा ने मांग की है कि—

  • 02 मार्च 2026 (लोक शिक्षण संचालनालय)
  • 26 मार्च 2026 (जनजातीय कार्य विभाग)

के आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए और प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त किया जाए

MPNews सेवा अवधि गणना पर भी बड़ा मुद्दा

शिक्षकों ने यह भी मांग उठाई कि उनकी सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए, ताकि—

  • पेंशन
  • ग्रेच्युटी
  • अवकाश नगदीकरण

जैसे लाभ सुनिश्चित हो सकें।

मानसिक दबाव का हवाला  SheopurNew

ज्ञापन में कहा गया कि TET की अनिवार्यता से शिक्षकों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बन रहा है। ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।

शिक्षक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर न्यायसंगत निर्णय लेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here