द्वारिका बाई को 2 लाख की अनुग्रह सहायता, बैंक मैनेजर को बुलाकर खुले खाते
श्योपुर, 03 फरवरी 2026
जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जनहित से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। निराश्रित बच्चों के मामलों में गार्जियन नियुक्त करने के निर्देश दिए गए, वहीं योजनाओं में लापरवाही पर बैंक प्रबंधन को फटकार लगाई गई।
जनसुनवाई में कुल 150 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, विजय शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
निराश्रित बच्चों को मिलेगा संरक्षक, स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ तय
भीकापुर निवासी निराश्रित दो बच्चों के मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल गार्जियन नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत राशि स्वीकृत होने के बावजूद संरक्षक नियुक्त न होने से लाभ नहीं मिल पा रहा था।
बताया गया कि बच्चों के पिता ईश्वर आदिवासी एवं माता हसीना आदिवासी का निधन हो चुका है और दोनों बच्चे वर्तमान में अपनी दादी के साथ रह रहे हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमानुसार गार्जियन नियुक्त कर योजना का लाभ तत्काल दिलाया जाए।

द्वारिका बाई को 2 लाख की आर्थिक राहत
वार्ड क्रमांक 15, रेगर मोहल्ला श्योपुर निवासी द्वारिका बाई को मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना अंतर्गत पति की सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है। कलेक्टर ने बताया कि ईपीओ जारी हो चुका है और शीघ्र ही राशि बैंक खाते में प्राप्त होगी।
द्वारिका बाई ने पति नाथूलाल रेगर की मृत्यु के बाद सहायता राशि हेतु आवेदन किया था।
इसी तरह पोहरी निवासी मीनाक्षी को संबल योजना अंतर्गत 4 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत होने की जानकारी दी गई। नॉमिनी परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण होते ही राशि खाते में जमा कराई जाएगी। मीनाक्षी के पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई थी।
बैंक मैनेजर को तलब कर खुलवाए खाते
स्पॉन्सरशिप योजना में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने यूको बैंक शाखा श्योपुर के मैनेजर को जनसुनवाई में तलब कर लाभार्थी बच्चों के संयुक्त खाते तत्काल खोलने के निर्देश दिए।
ग्राम भसुंदर निवासी कैलाशी बाई ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खाता न खुलने के कारण बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मौके पर ही खाते खोलने की कार्रवाई कराई गई।
तकनीकी खामी दूर कर परिवार पेंशन शुरू करने के निर्देश
परिवार पेंशन से जुड़े एक मामले में कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी, पेंशन विभाग एवं एसबीआई बैंक मैनेजर को बुलाकर समन्वय से निराकरण के निर्देश दिए।
महिला संतोष बाई के पति रमेश बाथम पीडब्ल्यूडी में वाटरमैन थे। नाम में तकनीकी त्रुटि के कारण परिवार पेंशन शुरू नहीं हो पा रही थी। सभी संबंधित अधिकारियों और आधार ऑपरेटर को निर्देश दिए गए कि त्रुटि सुधार कर तत्काल पेंशन चालू कराई जाए।
