कराहल जनपद की पंचायतों में औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर गिरी गाज सीईओ जिला पंचायत के सख्त तेवर, मानदेय राजसात से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई

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श्योपुर, 14 जनवरी 2026
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने जनपद पंचायत कराहल अंतर्गत ग्राम पंचायत पहेला, झिरन्या, सूसवाडा एवं रीछी का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण में जनपद पंचायत कराहल के सीईओ राकेश शर्मा, परियोजना अधिकारी वाटरशेड पी.एस. राजपूत, परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह जाट सहित बीसी आवास के अधिकारी उपस्थित रहे।

पहेला पंचायत में कड़ी कार्रवाई

ग्राम पंचायत पहेला में आरजीएसए अंतर्गत निर्माणाधीन पंचायत भवन का निरीक्षण किया गया। आंगनबाड़ी भवन व परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा शांतीधाम में मरम्मत, साफ-सफाई, चबूतरे की ऊंचाई बढ़ाने और मुख्य द्वार निर्माण के निर्देश दिए गए।

पंचायत में निर्मित परिसंपत्तियों का सत्यापन कर पोर्टल पर दर्ज करने, प्रधानमंत्री आवास एवं समग्र ई-केवाईसी को 7 दिवस में शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अव्यवस्थाओं पर सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक का 15 दिवस का मानदेय राजसात करने तथा सचिव की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए गए।

स्कूल, आयुष औषधालय और छात्रावास की जांच

सीईओ ने निर्माणाधीन नवीन सांदीपनी स्कूल भवन का निरीक्षण किया और पुराने भवन में पढ़ रहे बच्चों से संवाद कर शिक्षकों को पाठ्यक्रमानुसार अध्यापन कराने के निर्देश दिए। किचन शेड निरीक्षण में छात्रों की संख्या के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण गर्म भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

आयुष औषधालय बंद पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शासकीय आदिवासी जूनियर बालक छात्रावास में 50 पंजीकृत छात्रों में से केवल 12 छात्र उपस्थित पाए जाने पर छात्रावास अधीक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।

नलजल योजना बंद मिलने पर संबंधित उपयंत्री के विरुद्ध कार्रवाई कर योजना को शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए गए।

झिरन्या, सूसवाडा और रीछी में निर्देश

ग्राम पंचायत झिरन्या में संचालित गौशाला का निरीक्षण किया गया, जहां 70 गोवंश पाए गए। संचालन संतोषजनक मिलने पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं की सराहना की गई। शासकीय भूमि सुरक्षा के लिए सीपीडब्ल्यू निर्माण स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत सूसवाडा में शांतीधाम की साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्य 7 दिवस में पूर्ण करने, पंचायत परिसंपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज करने, मनरेगा कार्य पूरे करने और ई-केवाईसी 3 दिवस में शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत रीछी में गौशाला निरीक्षण के दौरान शेष कार्य 7 दिवस में पूर्ण करने और स्व-सहायता समूह का चयन कर संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। यहां भी शासकीय भूमि सुरक्षा के लिए सीपीडब्ल्यू निर्माण के निर्देश जारी किए गए।

प्रशासन का संदेश साफ
जमीनी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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