श्योपुर बाढ़ राहत घोटाले में बड़ा खुलासा — 25 पटवारी, उनकी पत्नियां, बच्चे और बहू बने आरोपी। 2.57 करोड़ की लूट से राजस्व विभाग में हड़कंप।
राजस्व विभाग में मचा हड़कंप, जल्द हो सकती हैं गिरफ्तारियां**
श्योपुर/बड़ौदा दिनांक 20/10/2025
जनता की तबाही पर राहत के नाम पर सरकारी खजाने को लूटने वालों का असली चेहरा अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है।
बड़ौदा तहसील में हुए 2.57 करोड़ रुपए के बाढ़ राहत घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे राजस्व विभाग के अंदर भ्रष्टाचार की परतें खुलती जा रही हैं।
पुलिस विवेचना में अब तक 25 पटवारी, उनकी पत्नियों, बच्चों और बहुओं समेत कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है।
पहले विभागीय जांच में जहां केवल 6 पटवारी दोषी ठहराए गए थे, वहीं एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना की विवेचना ने पूरे महकमे को हिला दिया है।
चार मदों में राशि, लेकिन खाते अपने!
वर्ष 2021 की बाढ़ के दौरान सरकार ने भवन हानि, पशु हानि, फसल हानि और अन्य हानि के नाम पर राशि जारी की थी।
लेकिन कई पटवारियों ने हितग्राहियों के खाते में केवल दो या तीन मदों की राशि डालकर शेष राशि अपने परिचितों या परिवारजनों के खातों में ट्रांसफर कर दी।
इस तरह 2.57 करोड़ रुपए की सरकारी धनराशि का गबन किया गया।
👩👩👦 परिवार भी बने अपराधी!
पटवारियों ने पत्नी, बच्चों और बहुओं के खातों का इस्तेमाल किया।
अब पुलिस ने इन सभी खाताधारकों को भी आरोपी बना दिया है।
मुख्य आरोपी लक्ष्मी नारायण गोरछिया, मेवाराम गोरछिया, इनायत खान, हेमंत मित्तल, मंजू दीक्षित और राजकुमार शर्मा के परिवारजन भी अब कानून के शिकंजे में हैं।
🚨 राजस्व विभाग में हड़कंप – गिरफ्तारियों की आहट
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, विभागीय कर्मचारियों में खौफ और अफरातफरी का माहौल है।
कई आरोपी फरारी की फिराक में हैं, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी की तैयारी तेज कर दी है।
अब तक 6 पटवारी और 3 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
📜 नई सूची में शामिल 19 पटवारी
अफसार अंसारी, अखिलेश जैन, अनिल जाट, हुकुमचंद विसारिया, भोलाराम गुप्ता, बृजराम मीणा, बुद्धिप्रकाश जाटव, महेंद्र जाटव, नीलेश मीणा, राजवीर जाटव, रामदयाल जगा, रामहेत टैगोर, रामनरेश जाटव, संजय रावत, शंकरलाल मर्सकोले, सोनेराम धाकड़, सुमित देसलहरा, विनोद भूषण और योगेश बिंदल को आरोपी बनाया गया है।
⚖️ अब तक 110 आरोपी – अधिकारी भी फंस सकते हैं
एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना के अनुसार—
“अब तक की विवेचना में 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अगर किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।”
🏛 तहसीलदार और आरआई पर भी गाज
घोटाले में तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर, आरआई और 25 पटवारियों सहित कुल 111 आरोपी चिन्हित किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 84 लोगों के खातों में फर्जी तरीके से राशि ट्रांसफर की गई थी।
कुछ आरोपी हाईकोर्ट से जमानत लेकर बाहर हैं, लेकिन जांच अभी जारी है।
जांच की टाइमलाइन
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03 अगस्त 2021: श्योपुर-बड़ौदा में आई विनाशकारी बाढ़
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सितंबर 2023: कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एफआईआर दर्ज
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2024-2025: भ्रष्टाचार की धाराएं जोड़ी गईं
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जुलाई 2025: जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी के पास पहुंची
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अक्टूबर 2025: अब तक 110 आरोपी, कई गिरफ्तारियां संभावित
सांसद निधि की जांच की भी उठी मांग
पूर्व सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा बड़ौदा और श्योपुर नगर पालिकाओं को सांसद निधि से दिए गए 50-50 लाख रुपए की भी जांच की मांग तेज हो गई है।
जानकारों के अनुसार, यदि इस निधि का ऑडिट निष्पक्ष रूप से हुआ, तो और भी भारी गड़बड़ियां उजागर हो सकती हैं।
विभागीय जांच भी सवालों के घेरे में
हाल ही में 19 पटवारियों की विभागीय जांच केवल “एक असंचयी वेतनवृद्धि रोकने” की सजा के साथ समाप्त की गई।
वहीं तीन पटवारियों की सेवा समाप्ति की जा चुकी है और तीन अन्य पटवारी सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील लेकर पहुंचे हैं।
प्रशासनिक कार्यवाही पर भी सवाल—एक ही मामले में तीन तरह की सजा क्यों?
🔥 “राहत” बनी “लूट”
जिस राहत राशि से पीड़ितों के घरों में मुस्कान लौटनी थी, वही भ्रष्ट अफसरों और पटवारियों की जेबें भरने में चली गई।
अब जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है और जल्द कई बड़े नामों पर शिकंजा कसने की संभावना है।
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श्योपुर में 2.57 करोड़ का बाढ़ राहत घोटाला! 25 पटवारी समेत 110 आरोपी
श्योपुर बाढ़ राहत घोटाले में बड़ा खुलासा — 25 पटवारी, उनकी पत्नियां, बच्चे और बहू बने आरोपी। 2.57 करोड़ की लूट से राजस्व विभाग में हड़कंप।
