श्योपुर में पहली बार “सीप नदी महोत्सव” — जीवनरेखा को मिलेगी नई पहचान!

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श्योपुर, 17 अक्टूबर 2025
श्योपुर जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। जिले की जीवनरेखा कही जाने वाली सीप नदी के सम्मान और संरक्षण के उद्देश्य से अब पहली बार “सीप नदी महोत्सव” का आयोजन किया जाएगा।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन लोक संस्कृति, परंपराओं और पौराणिक धरोहरों को सहेजने तथा राज्य स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार नए प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में यह महोत्सव श्योपुर के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक नई पहचान बनेगा।

🎉 धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा महोत्सव

अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने बताया कि “सीप नदी महोत्सव” दो से तीन दिनों तक मनाया जाएगा, जिसकी तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।
महोत्सव की शुरुआत सीप नदी परिक्रमा और चुनरी यात्रा से होगी, जिसमें जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी नदी पूजन करेंगे।

इसके अलावा नदी के महत्व पर परिचर्चा, व्याख्यान, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।
महोत्सव के दौरान एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।

🌿 सीप नदी: जिले की धार्मिक और आर्थिक जीवनरेखा

सीप नदी का उद्गम कराहल तहसील के पनवाड़ा गांव से होता है और यह मानपुर के पास रामेश्वर त्रिवेणी संगम पर चंबल नदी में मिल जाती है।
इसके तटों पर अनेक प्रसिद्ध देवस्थल स्थित हैं —
निमोदा मठ के कमलेश्वर महादेव,
नयागांव के रामेश्वर महादेव,
श्योपुर के सोमेश्वर महादेव,
पंडित घाट के भुवनेश्वर महादेव,
और मानपुर के मानेश्वर महादेव प्रमुख हैं।

इसी त्रिवेणी संगम पर हर वर्ष लगने वाला रामेश्वर मेला जिले का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है।

🚜 खेती और जीवन से गहराई से जुड़ी है नदी

सीप नदी पर स्थित आवदा बांध जिले के अनेक गांवों की फसलों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराता है और लगभग 50 गांवों को निस्तार प्रदान करता है।
इस प्रकार यह नदी न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि आर्थिक और सामाजिक जीवन से भी गहराई से जुड़ी हुई है।

🕉️ संरक्षण और जनजागरूकता की दिशा में ऐतिहासिक कदम

सीप नदी महोत्सव” का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि लोगों में नदी संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना है।
यह पहल श्योपुर के विकास और सांस्कृतिक गौरव दोनों को नई दिशा देगी।

(CrimeNationalNews.com के लिए):

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