ग्राम पंचायत मगरदेह में भ्रष्टाचार का अड्डा! लाखों के फर्जी भुगतान का आरोप, कार्रवाई से बचा सचिव

0
147
Spread the love

श्योपुर, 17 अक्टूबर 2025
जिले की ग्राम पंचायत मगरदेह (जनपद पंचायत विजयपुर) एक बार फिर सुर्खियों में है। पंचायत सचिव राजेश कुशवाह पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सरपंच, ग्रामवासी और स्थानीय विधायक तक शिकायत कर चुके हैं, परंतु अधिकारी चुप हैं।

           सरपंच विशना आदिवासी

 

भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप
ग्राम पंचायत मगरदेह की सरपंच विशना आदिवासी ने जिला पंचायत श्योपुर को कई बार आवेदन देकर बताया है कि सचिव राजेश कुशवाह लगातार भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। सरपंच का कहना है कि सचिव ने उनके फर्जी हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर लगभग 1करोड़ 22 लाख रुपए का फर्जी भुगतान पंचायत दर्पण सी-पोर्टल पर कर लिया है।

आरोप है कि ग्राम पंचायत में कोई वास्तविक निर्माण या विकास कार्य नहीं हुआ, जबकि रिकॉर्ड में करोड़ों के भुगतान दर्ज हैं।

शासन की योजनाओं में गड़बड़ी, रिश्वतखोरी के आरोप
ग्रामवासियों का कहना है कि सचिव पेयजल, ई-राशन कार्ड, खाद्यान कूपन पर्ची जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी पैसों की मांग करता है।
यह भी आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तें जारी कराने के लिए आदिवासी हितग्राहियों से 10-10 हजार रुपए तक वसूले जाते हैं।

सरपंच को धमकाने तक की शिकायत
सरपंच विशना ने बताया कि जब उन्होंने इन गड़बड़ियों का विरोध किया तो सचिव ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने मांग की है कि सचिव राजेश कुशवाह को तत्काल ग्राम पंचायत मगरदेह से हटाया जाए और गिर्राज धाकड़ को सचिव का प्रभार सौंपा जाए।

कार्रवाई के आदेश के बाद भी बहाल कैसे हुआ सचिव?
जिला पंचायत श्योपुर ने 31 जुलाई 2025 को आदेश जारी करते हुए सचिव राजेश कुशवाह को कर्तव्य पालन में लापरवाही और भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए जनपद पंचायत विजयपुर में पदस्थ किया था।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ ही दिनों बाद वह पुनः मगरदेह पंचायत में सचिव पद पर बहाल हो गया।
यह कदम स्पष्ट रूप से कार्यालयीन मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

विधायक ने भी की कार्रवाई की मांग
विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुकेश मल्होत्रा ने भी जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि “ग्राम पंचायत मगरदेह के सचिव अपने पद के प्रति असंवेदनशील हैं, विकास कार्यों में अनियमितता बरत रहे हैं और ग्रामवासियों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।”

फिर भी मौन क्यों हैं अधिकारी?
लगातार शिकायतों, सबूतों और जनप्रतिनिधियों के पत्रों के बावजूद सचिव पर कोई ठोस कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि ‘खूब खाओ और खिलाओ’ की नीति ग्राम पंचायत मगरदेह में खुलेआम चल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत खत्म नहीं होगी, तब तक ऐसे भ्रष्टाचार पर रोक लगाना मुश्किल रहेगा।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here