श्योपुर में नकली पुलिस वाले बनकर ट्रैक्टर चालकों से की अवैध वसूली की कोशिश

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सफेद बोलेरो में वर्दी दिखाकर आम लोगों से अवैध वसूली की कोशिश , शहर भर में सोसल मिडिया से लेकर आम चर्चा  पुलिस पर उठे सवाल 

शहर में फिल्मी अंदाज में नकली पुलिस वाले बोलेरो गाड़ी में सवार होकर ट्रैक्टर चालकों से पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

सफेद बोलेरो में युवकों ने पुलिस वर्दी और डंडा रखा हुआ था। उन्होंने प्रेमसर के पास   ट्रैक्टर चालक को रोककर पैसे मांगे ।

श्योपुर, 04 अक्टूबर 2025

सफेद बोलेरो में वर्दी और डंडा दिखाकर आम लोगों से अवैध वसूली की कोशिश; अकरम और परिवार ने आरोपी को धर दबोचा 

बंजारा डैम के आगे खतोली रोड रिलायंस पेट्रोल पंप के पास कुछ शख्सों ने सफेद बोलेरो में पुलिस वर्दी और डंडा दिखाकर आम लोगों से वसूली करने की कोशिश की। घटना का खुलासा तब हुआ जब ट्रैक्टर चला रहे अकरम ने बोलेरो को पहचान लिया और पीछा किया।

मुख्य जानकारी:

  • आरोपियों ने पुलिस वर्दी दिखाकर डराने की कोशिश की।

  • पकड़ा गया आरोपी रूप सिंह जाटव, निवासी हीरापुर, खुद को पुलिस बताकर भागने का दावा कर रहा था।

  • बोलेरो राम तलाई हनुमान जी मंदिर के सामने विनोद होटल के पास खड़ी मिली।

  • रूप सिंह और साथी श्योपुर में ट्रैक्टर ट्रालियों से अवैध वसूली कर रहे थे।

  • अकरम ने पूरी घटना की वीडियो और फोटो सुरक्षित कर ली।

  • लोकल पुलिस को ₹1000 वापस करने की बात कही, बाकी आरोपियों का पता नहीं चला।

पूरा घटनाक्रम:
अकरम के पिता ने फोन पर अपने बेटे को निर्देश दिया कि रुपये लेने वालों की जानकारी करें। अकरम ने बोलेरो को पहचानकर रोकने की कोशिश की, और बंजारा डेम पर रोक ली  लेकिन बोलेरो में बैठे आरोपियों ने पुलिस वर्दी और डंडा दिखाकर उसे डराने की कोशिश की। रूप सिंह नामक आरोपी ने खुद को पुलिस  बताया और कहा कि उनके पास वर्दी है, साथ ही दावा किया कि रोकने में गलती की है । जो फरियादी अकरम ने भी शालीनता से माना, लेकिन मामला बिगड़ा जब सामने प्लेट देखि 

अकरम ने नंबर प्लेट पर कीचड़ देखकर शक किया और उनका पीछा किया। बोलेरो को राम तलाई हनुमान जी मंदिर के सामने विनोद होटल के पास खड़ा पाया। इस दौरान अकरम और उनके परिवार ने रूप सिंह जाटव, निवासी हीरापुर, को पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार रूप सिंह और उसके साथी श्योपुर में ट्रैक्टर ट्रालियों से अवैध वसूली कर रहे थे। पकड़े गए आरोपी ने लोकल पुलिस को ₹1000 वापस करने की बात कही, लेकिन बाकी साथी फरार हो गए।

 स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुटी है।

पृष्ठभूमि और निष्कर्ष:


शहर में चर्चा है कि कुछ लोग पुलिस की मदद से अवैध वसूली करते रहे हैं। पुलिस की चुप्पी और कुछ लोगों के संरक्षण की वजह से यह काम लंबे समय से चल रहा था। हालांकि, इस बार आरोपी पकड़े गए हैं और मामला एक बार फिर साबित करता है कि फिल्मी अंदाज में भी कानून को अपने हाथ में लेना संभव नहीं है।

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