नगर पालिका पर विपक्ष का सीधा वार – कायाकल्प योजना में भ्रष्टाचार के आरोप

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240 करोड़ की रोड पर सवाल, कॉलोनाइजरों को फायदा पहुंचाने का खेल?

फैक्ट-फाइल : कायाकल्प रोड विवाद

  • योजना प्रावधा: कायाकल्प योजना में अधिकतम 20 फीट (6 मीटर) चौड़ी सड़क की अनुमति।

  • विवादित निर्माण: नगर पालिका 50 फीट चौड़ी सीसी रोड बना रही है।

  • लागत: लगभग ₹240 करोड़।

  • आरोप: कॉलोनाइजरों को फायदा पहुँचाने और जमीन की कीमत बढ़ाने का प्रयास।

  • आपत्तियाँ:

    • लोकायुक्त ने नोटिस जारी कर प्रतिवेदन मांगा।

    • जिला परिवहन अधिकारी ने मार्ग जोड़ने पर दुर्घटना की आशंका जताई।

  • विपक्ष की मांग: रोड पर रोक लगाकर भवन परिसर में दुकानें व पार्किंग बनाई जाए।

  • चेतावनी: नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की तैयारी।

240 करोड़ की रोड पर सवाल, कॉलोनाइजरों को फायदा पहुंचाने का खेल?

श्योपुर, 25 सितंबर 2025
विपक्षी पार्षदों और कांग्रेस नेताओं ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। श्रीराम धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस विधायक बाबू जण्डेल, जिला अध्यक्ष मांगीलाल फौजी, पूर्व नपाध्यक्ष दौलतराम गुप्ता, मो.चीनी कुर्रेशी,मो.शब्बीर नागोरी  एवम् नेता प्रतिपक्ष पार्षद सलाउद्दीन खिलजी, सुमेर सिंह,महावीर बाल्मीकि, महावीर सुमन सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

50 फीट चौड़ी रोड पर बवाल

नेताओं ने आरोप लगाया कि कायाकल्प योजना के तहत नवीन नगर पालिका भवन के सामने 50 फीट चौड़ी सीसी रोड बनाई जा रही है, जबकि योजना में अधिकतम 20 फीट (6 मीटर) तक रोड स्वीकृत है। यह निर्माण कार्य शासन की अनुमति से परे और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।

कॉलोनाइजरों को लाभ पहुंचाने का आरोप

नेताओं ने कहा कि इस रोड से आमजन को कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि कॉलोनाइजरों की कॉलोनियों की कीमतें बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्य कराया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष पर निजी हित साधने का आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्षदों ने कहा कि शासन के पैसों का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है।

लोकायुक्त की जांच के बाद भी जारी निर्माण

बताया गया कि कायाकल्प रोड के टेंडर में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने नोटिस जारी कर प्रतिवेदन मांगा था, इसके बावजूद नगर पालिका ने गुपचुप तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है 

परिवहन विभाग ने भी जताई आपत्ति

जिला परिवहन अधिकारी द्वारा पहले ही आपत्ति जताते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा गया था कि परिवहन कार्यालय तक पहुंच मार्ग पहले से ही विभाग का है। नए मार्ग को कॉलोनाइजरों की कॉलोनियों से जोड़ना दुर्घटना की आशंका बढ़ाएगा।

कायाकल्प’ का मकसद ही बदल दिया

विपक्ष का कहना है कि कायाकल्प योजना का मूल उद्देश्य पुरानी सड़कों की मरम्मत, मजबूतीकरण और शहरी आधारभूत संरचना में सुधार है। योजना में 50 फीट चौड़ी नई सड़क का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों की रोड बनाई जा रही है।

धरने की चेतावनी

नेताओं ने कहा कि अगर निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई तो नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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