हमारे किसान समझदार, सिर्फ दिशा देने की जरूरत : कलेक्टर अर्पित वर्मा पटवारियों व पंचायत सचिवों की बैठक में दिए पराली प्रबंधन के निर्देश

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श्योपुर, 08 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा कि श्योपुर जिला कृषि की दृष्टि से समृद्ध है। यहां के किसान समझदार और सहयोगी स्वभाव के हैं। उन्हें केवल दिशा और प्रेरणा देने की जरूरत है। वे सोमवार को निषादराज भवन में पराली प्रबंधन को लेकर आयोजित पटवारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक में एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा, कराहल एसडीएम बी.एस. श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि जी.के. पचौरिया, डीपीएम एनआरएलएम सोहनकृष्ण मुदगल, सहायक कृषि यंत्री अंकित सेन, तहसीलदार व पटवारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने कहा कि पटवारी किसानों से सीधे जुड़े रहते हैं, इसलिए वे किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सुपर सीडर व अन्य कृषि यंत्र खरीदने हेतु प्रेरित करें। सरकार इन यंत्रों पर अनुदान भी दे रही है। उदाहरण स्वरूप, ढाई लाख रुपये की कीमत वाले सुपर सीडर पर 1.20 लाख रुपये की सब्सिडी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण व भूमि की उर्वराशक्ति दोनों को नुकसान पहुंचाता है। किसानों को बेलर व सुपर सीडर जैसे विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रशासन द्वारा पंजाब से आए बेलर संचालकों से भी चर्चा की गई है और एनआरएलएम के माध्यम से 100 यूनिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें बेलर, हे-रेक और सुपर सीडर शामिल हैं।

कलेक्टर ने पटवारियों व तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसान पराली जलाने के बजाय उचित प्रबंधन करें। यदि कोई किसान पराली जलाने का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा और भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य को शस्त्र लाइसेंस भी जारी नहीं किया जाएगा।

पंचायत सचिवों की बैठक
अपराह्न में पंचायत सचिवों के साथ बैठक कर कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक पंचायत सचिव कम से कम एक किसान को सुपर सीडर खरीदने के लिए प्रेरित करें। बैठक में सीईओ जनपद श्योपुर एस.एस. भटनागर, कराहल सीईओ राकेश शर्मा, परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


राडेप और ललितपुरा में किसानों से चर्चा, 20 किसान खरीदेंगे सुपर सीडर

इसी कड़ी में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने राडेप व ललितपुरा पहुंचकर किसानों से चर्चा की। चर्चा सार्थक रही और दोनों गांवों में 10-10 किसानों ने सुपर सीडर खरीदने की सहमति दी, साथ ही पराली नहीं जलाने का भरोसा भी दिलाया।

कलेक्टर ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरणीय नुकसान के साथ आगजनी की घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति व मिट्टी में मौजूद उपयोगी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इस वर्ष श्योपुर को पराली फ्री जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि सुपर सीडर अब 2.53 लाख रुपये में उपलब्ध है, जिस पर 1.20 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इस तरह किसानों को मात्र 1.33 लाख रुपये में सुपर सीडर उपलब्ध होगा, जिससे पराली प्रबंधन के साथ गेहूं की समय पर बुआई भी संभव हो सकेगी।

सहायक कृषि यंत्री अंकित सेन ने बताया कि हैप्पी सीडर व स्मार्ट सीडर पर 85-85 हजार रुपये, मल्चर पर 90 हजार, जी-टील सीड ड्रिल पर 50%, 15 लाख के बेलर पर 6.60 लाख, स्लेसर पर 27,500, रिवर्सिबल प्लग पर 50%, 3 लाख के रीपर पर 1.50 लाख, 5 लाख के रीपर कंबाइनर पर 2 लाख और हे-रेक पर 50% तक सब्सिडी उपलब्ध है। साथ ही, केंद्र सरकार ने जीएसटी को 12% से घटाकर 5% कर दिया है।

राधापुरा, बोरदादेव और भिलवाडिया में भी हुई जागरूकता चर्चा
कलेक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम गगन सिंह मीणा व कृषि विभाग के अधिकारियों ने इन गांवों में किसानों को पराली प्रबंधन के लाभ और अनुदानित कृषि यंत्रों की जानकारी दी।

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