श्योपुर, 03 सितंबर 2025
डोल ग्यारस के पावन पर्व पर श्योपुर शहर में धार्मिक आस्था और परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। जलझूलनी एकादशी के शुभ अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों से निकले लगभग 50 देव विमानों ने नगरवासियों को भक्ति में सराबोर कर दिया। डोल ग्यारस की यह अनुपम शोभायात्रा टोडी गणेश मंदिर से प्रारंभ होकर बंजारा डैम पहुंची, जहां सीप नदी में भगवान का जलविहार कराया गया।
इस विशाल धार्मिक आयोजन में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा स्वयं शामिल हुए। उन्होंने बंजारा डैम पर पहुंचकर देव विमानों की पूजा-अर्चना की और भक्तों के साथ आरती में भाग लेकर आयोजनों की गरिमा को और भी बढ़ाया।
व्यवस्थाओं में प्रशासन रहा मुस्तैद
पर्व के सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां भी सराहनीय रहीं। वर्मा ने एक दिन पूर्व ही अधिकारियों के साथ आयोजन स्थल का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए थे। डोल मेले की व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए थे।
लोक आस्था और संस्कृति का पर्व
डोल ग्यारस श्योपुर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुका है। इस पर्व पर हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उल्लास देखने को मिला। देव विमानों के साथ चलती भजन मंडलियों, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
श्रद्धालुओं ने बंजारा डैम पर भगवान के जलविहार के दर्शन किए और आरती में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठनों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
🕉️ डोल ग्यारस सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्योपुर की जीवंत सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
