श्योपुर,22/8/25
जिला मुख्यालय पर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। हालात यह हैं कि बैंक से लोन लेने में जितनी मशक्कत नहीं करनी पड़ती, उससे कहीं ज्यादा दौड़-धूप मकान का नया बिजली कनेक्शन लेने में करनी पड़ रही है।
बच्चों के भरोसे रीडिंग
विभाग के ठेकेदार द्वारा छोटे-छोटे बच्चों को मीटर रीडिंग की मशीन थमा दी गई है। नासमझी में ये बच्चे मनमर्जी से रीडिंग दर्ज कर देते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से कई गुना अधिक बिल थमा दिया जाता है।
पीएम आवास योजना के हितग्राही भी परेशान
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान तो पी एम मोदी की मेहरबानी से मिल चुके हैं, लेकिन उनमें बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को महीनों तक बाबुओ से मिलने के चलते विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई मामलों में फाइल आगे बढ़ने में लंबा समय लग रहा है। एइ और जे इ की अन देखि या मिली जुली कहानी है
गलत बिलिंग से बढ़ रही चोरी
गलत बिलिंग और समय पर समाधान न मिलने से उपभोक्ता विभाग से नाराज हैं। यही नहीं, कई वार्डों में लोग मजबूरन चोरी से बिजली इस्तेमाल करने लगे हैं। वार्ड क्रमांक 11 में चोरी की घटनाएं अधिक देखने को मिल रही हैं। वही कोई उपभोक्ता की चोरी पकड़ी गई तो अधिकारी सेटलमेंट भी करते सुने दे रहा है तो क्या चोरी मिली भगत का ही नतीजा है
प्रशासन से मांग
उपभोक्ताओं ने समाचार पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि नए कनेक्शन के लिए आवेदनकर्ताओं को निर्धारित कागजी औपचारिकताओं के बाद C ग्रुप उपभोक्ता मानकर तत्काल कनेक्शन दिया जाए। साथ ही, बिलों में की जा रही गलतियों का समय पर सुधार हो, ताकि लोगों को अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े।
