किसानों का गेहूं को 27 सौ रुपए में खरीदने, किसानों की कर्जामुक्ति, एम.एस.पी. गारंटी कानून लागू करने की मांग लेकर किसानों ने किया चक्काजाम।

0
265
Spread the love

दिनांक – 11/03/24

मनरेगा मजदूर को दौ सौ दिन रोजगार व 6 सौ रुपए मजदूरी देने व किसान आंदोलन से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों के समाधान करने की भी की मांग।
किसानों की मांगे माने सरकार अन्यथा आंदोलन को व्यापक और उग्र किया जाएगा- राधेश्याम मीणा मूंडला।

बड़ौदा- गेहूं की फसल को 27 सौ रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदी करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने, किसानों की कर्जा मुक्ति, सरसों की फसल की तत्काल घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करने सहित किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में किसानों ने सोमवार को तहसील मुख्यालय, बड़ौदा पर श्योपुर – बारां हाइवे पर चक्का जाम करके प्रदर्शन किया । प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व प्रदेश की मोहन यादव सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करके किसानों के मांगे माने जाने की मांग की । तहसील कार्यालय पर एकत्रित हुए किसानों ने तहसील कार्यालय से बागर तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया ।

इस दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम बड़ौदा तहसीलदार आर.आई. दिव्यराज धाकड़ को ज्ञापन दिया । किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में चुनाव के दौरान भाजपा सरकार के द्वारा वचन पत्र में किसानों से गेहूं 27 सौ रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदने का वायदा किया गया है किंतु वर्तमान में 2275 रूपए प्रति क्विंटल पर गेंहू खरीदने की प्रक्रिया की जा रही है इसे किसान स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है ‌। अतः प्रदेश के किसानों के हित को दृष्टिगत रखते हुए गेहूं की फसल खरीदी में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 425 रुपए का बोनस देकर किसानों से किए गए वादे को पूरा करें व गेहूं की खरीदी 27 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाए । सरसों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। C2+50% की गणना के आधार पर सभी कृषि,वन,डेयरी व अन्य उत्पादों की MSP घोषित करो एवं उनकी ख़रीद हेतु संसद में क़ानून बनाओ। किसानों व ग्रामीण मज़दूरों के ऋण माफ़ करो एवं सस्ती ब्याज दरों पर ऋण सीमा को दुगना करो। प्रस्तावित किसान व आमजन विरोधी बिजली बिल वापस लो। फ़सल बीमा योजना को सर्वसमावेशी एवं किसान हितेषी बनाओ। पेट्रोल-डीजल के दाम कम करो। कृषि में काम आने वाली सभी वस्तुओं पर जीएसटी ख़त्म करो।

मनरेगा में दो सौ दिन काम व 600 रू मज़दूरी तय करो। आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली ख़त्म करो। ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन हाजरी व्यवस्था चालू करो। ग्रामीण क्षैत्र में सार्वजनिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, भंडारण,यातायात, खाद्य वितरण आदि सुविधाओं में सुधार एवं विस्तार करो।विगत किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुये किसानों के परिवारों को समुचित सहायता दो। किसानों पर लादे गये सभी झूंठे मुक़दमें वापस लो तथा आंदोलनकारी किसानों का दमन करना बंद करे । इस दौरान बड़ौदा एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना, थाना प्रभारी सत्यम सिंह गुर्जर सहित पुलिस प्रशासन मौजूद रहा । इस मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान भी उपस्थित रहे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here