श्योपुर, 10 सितंबर 2026 #CrimeNationalNews
अवैध रेत खनन और परिवहन पर शिकंजा कसने की कवायद तेज हो गई है। राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अब अवैध रेत खनन, अवैध रेत परिवहन, वन्यजीवों के शिकार, अतिक्रमण और अन्य पर्यावरणीय अपराधों की सूचना देने के लिए नागरिकों को QR कोड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में वन विभाग की ओर से यह QR कोड जारी किया गया है। नागरिक QR कोड को स्कैन कर अभयारण्य क्षेत्र से जुड़ी अवैध गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। MadhyaPradeshNews
फोटो-वीडियो के साथ भेज सकेंगे जियो-टैग जानकारी
खनिज शाखा के प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार गगेंले ने बताया कि राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन सहित शिकार, अतिक्रमण तथा अन्य पर्यावरणीय अपराधों की सूचना देने के लिए QR कोड जारी किया गया है।
QR कोड स्कैन करने के बाद नागरिक आवश्यकता के अनुसार शिकायत या सूचना के साथ फोटो, वीडियो और जियो-टैग जानकारी भी उपलब्ध करा सकते हैं। इससे संबंधित गतिविधि की सूचना को अधिक उपयोगी तरीके से दर्ज कराने में मदद मिलेगी।
अभयारण्य के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए QR कोड
वन विभाग द्वारा जारी QR कोड को नागरिकों और पर्यटकों की पहुंच वाले विभिन्न प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया है। इनमें—
- अभयारण्य क्षेत्र के प्रमुख प्रवेश स्थल
- चेकपोस्ट एवं गश्ती चौकियां
- प्रमुख पर्यटन स्थल
- पर्यटकों के आवागमन वाले स्थान
- संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय
- अन्य सार्वजनिक स्थल
शामिल हैं।
अवैध गतिविधि दिखे तो सूचना देना आसान
राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में रेत खनन और परिवहन जैसी गतिविधियों के साथ वन्यजीव शिकार, अतिक्रमण अथवा अन्य पर्यावरणीय अपराध सामने आने पर नागरिक QR कोड के माध्यम से सूचना उपलब्ध करा सकते हैं।
खास बात यह है कि सूचना के साथ फोटो, वीडियो और जियो-टैग जैसी जानकारी उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी गई है। इससे संबंधित विभाग तक घटना की जानकारी पहुंचाने का एक अतिरिक्त डिजिटल माध्यम उपलब्ध होगा। Sheopur
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण में नागरिकों की भूमिका अहम
चंबल क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में अभयारण्य क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों की समय पर सूचना मिलना वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। QR कोड की यह व्यवस्था नागरिकों को अवैध गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक आसान डिजिटल माध्यम प्रदान करती है।
Crime National News की अपील: यदि अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन, अवैध रेत परिवहन, वन्यजीव शिकार, अतिक्रमण या अन्य पर्यावरणीय अपराध से संबंधित गतिविधि दिखाई दे, तो उपलब्ध QR कोड के माध्यम से संबंधित जानकारी जिम्मेदारीपूर्वक साझा करें।
