26 अगस्त को ईद मिलाद उन नबी, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और 8 से 25 सितंबर तक पर्युषण पर्व; शांति समिति की बैठक में व्यवस्थाओं की समीक्षा
श्योपुर, 20 अगस्त 2026 CrimeNationalNews
आगामी धार्मिक त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए श्योपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। ईद मिलाद उन नबी, गणेश चतुर्थी और पर्युषण पर्व को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात, बिजली, जुलूस मार्ग और विसर्जन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने कहा कि सभी त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाए जाएं। उन्होंने कहा कि त्योहारों को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे।
ईद मिलाद उन नबी पर निकलेगा जुलूस, सुरक्षा रहेगी कड़ी
बैठक में अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने बताया कि 26 अगस्त को मुस्लिम समाज द्वारा ईद मिलाद उन नबी के अवसर पर जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस के दौरान साफ-सफाई, यातायात, बिजली और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा 24 अगस्त को बोहरा समुदाय द्वारा बोहरा मस्जिद से सुबह 9 बजे जुलूस निकाला जाएगा। इस दौरान जुलूस मार्ग पर साफ-सफाई सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
गणेश चतुर्थी पर पंडित घाट पर बनेगा विसर्जन कुंड
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों और स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। अनंत चतुर्दशी तक गणेश पंडालों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गणेश पंडालों और धार्मिक स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पंडित घाट पर विशेष कुंड तैयार कर विसर्जन की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
8 से 25 सितंबर तक मनेगा पर्युषण पर्व
जैन समाज द्वारा 8 सितंबर से 25 सितंबर तक श्वेतांबर एवं दिगंबर पर्युषण पर्व मनाया जाएगा। पर्व के दौरान जैन मंदिरों और संबंधित मार्गों पर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्युषण पर्व के दौरान निकलने वाले जैन समाज के जुलूस को लेकर भी आवश्यक सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। जुलूस
त्योहारों पर प्रशासन की पैनी नजर
शांति समिति की बैठक में स्पष्ट किया गया कि सभी समुदायों के धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे।
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने कहा कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता रहेगी। किसी भी स्थिति में शांति और सौहार्द का माहौल प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी भाईचारे और सहयोग के साथ त्योहार मनाने की अपील की।
साफ-सफाई से लेकर बिजली और यातायात तक पुख्ता इंतजाम
बैठक में धार्मिक आयोजनों के दौरान साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, जुलूस मार्ग और विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर विभागवार निर्देश दिए गए।
नगरपालिका, बिजली विभाग, होमगार्ड और अन्य संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। CrimeNationalNewsSheopur
शांति समिति के सदस्यों ने दिए सुझाव
बैठक में अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, एडिशनल एसपी प्रवीण भूरिया, प्रभारी एसडीएम शिवलाल शाक्य, डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य, एसडीओपी राजीव गुप्ता सहित शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
शांति समिति के सदस्यों में कैलाश नारायण गुप्ता, शहरकाजी अतीक उल्ला कुरैशी, विश्व हिंदू परिषद से विष्णु कुमार गर्ग, बुन्दु खां, मोहम्मद चीनी कुरैशी, जैन समाज से सुरेश जैन एवं पारस जैन, अखिलेश भदौरिया, कृष्णकांत उपाध्याय, गणेश मंदिर पुजारी श्याम शुक्ला, रामअवतार शर्मा, शेरू धूलिया, काशीराम सेगर, शिशुपाल मीणा, हकीमुद्दीन दाउदी और अकबर अली सहित बिजली, होमगार्ड, नगरपालिका एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
तीन बड़े पर्व, प्रशासन की एक रणनीति—शांति, सुरक्षा और सौहार्द
आने वाले दिनों में लगातार धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। ईद मिलाद उन नबी के जुलूस से लेकर गणेश प्रतिमा विसर्जन और पर्युषण पर्व के आयोजनों तक सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन की सीधी नजर रहेगी।
श्योपुर में त्योहारों को लेकर प्रशासन का संदेश साफ है—धार्मिक आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए शांति, भाईचारे और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
