श्योपुर, 22 अप्रैल 2026
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ पर प्रशासन ने तेज़ी से काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर एवं प्रमुख अधिकारी शीला दाहिमा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संयुक्त समन्वय समिति की अहम बैठक आयोजित हुई। #CrimeNationalNews
34 गांवों में डेयरी मॉडल, तीन साल में बदलेंगे हालात
कलेक्टर ने साफ किया कि जिले के 34 चयनित गांवों में डेयरी सेक्टर का एकीकृत विकास किया जाएगा।
👉 लक्ष्य— KsheerDharaYojana
- दुग्ध उत्पादन में वृद्धि
- पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी
- पशुपालन को सतत रोजगार बनाना
सख्त निर्देश: नस्ल सुधार, टीकाकरण और जागरूकता पर जोर
DairyDevelopment कलेक्टर शीला दाहिमा ने अधिकारियों को निर्देश दिए—
- उच्च नस्ल के सीमन से कृत्रिम गर्भाधान
- शत-प्रतिशत टीकाकरण और बधियाकरण
- बांझपन निवारण शिविर और जागरूकता कार्यक्रम
- गोबर और अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन
- पशुओं के लिए पानी और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करें
अब तक की प्रगति: आंकड़े बता रहे ग्राउंड एक्शन MPNews
उप संचालक पशुपालन डॉ सुभाषबाबू दौहरे ने जानकारी दी—
- 31 बांझपन निवारण शिविर आयोजित
- 792 पशुओं का बधियाकरण
- 15,943 पशुओं का टीकाकरण
- 26,507 पशुओं की टैगिंग
ब्लॉकवार 34 गांवों की पूरी सूची AnimalHusbandry
👉 श्योपुर विकासखंड (14 गांव):
गोपालपुरा, सोईकलां, श्रीपुरा, हथवारी, नागदा, मलपुरा, माधोराजपुरा, लाडपुरा, सरोदा, ढीमचौतरा, ढोटी, किलोरच, बिलोनी, खोजीपुरा
👉 विजयपुर विकासखंड (12 गांव):
चकचांदखा, हारकुई, छावर, माता का पुरा घूघस, उपचा, जोमा का पुरा, मढा, फरारा, हरि सिंह का पुरा, सेवला, खैरोदा खुर्द, कोतवाल की झोपडी
👉 कराहल विकासखंड (08 गांव):
कर्राई, गोरस, हसनपुर, जाखदा, पहेला, झिरन्या, कलमी, कैलोर
SheopurNews तीन साल में ‘क्षीर धारा ग्राम’ का दर्जा
यह योजना तीन साल में चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। सभी मानकों को पूरा करने के बाद इन गांवों को ‘क्षीर धारा ग्राम’ घोषित किया जाएगा।
निष्कर्ष RuralDevelopment
श्योपुर में अब डेयरी सेक्टर को नई दिशा देने की तैयारी है।
प्रशासन का फोकस साफ—गांव मजबूत होंगे, तभी किसान और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
