डीएलसीसी की बैठक में रोजगारमूलक योजनाओं की समीक्षा, छोटी तकनीकी कमियों पर आवेदन निरस्त नहीं करने के निर्देश
श्योपुर, 24 सितंबर 2026 CrimeNationalNews
रोजगारमूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने में बैंक और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण हितग्राहियों के प्रकरण निरस्त करने के बजाय उनसे संवाद कर कमियों को दूर कराया जाए और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में तत्परता दिखाई जाए। यह निर्देश कलेक्टर शीला दाहिमा ने जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति (डीएलसीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले में संचालित विभिन्न रोजगारमूलक योजनाओं की प्रगति, बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों, स्वीकृति तथा ऋण वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
रोजगार से आर्थिक मजबूती के साथ नए रोजगार के अवसर भी श्योपुरन्यूज
कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। रोजगारमूलक योजनाओं में हितग्राही को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है, वहीं उसके माध्यम से अन्य लोगों के लिए भी अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप विभिन्न रोजगारमूलक योजनाओं के प्रकरण बैंकों को भेजे गए हैं। बैंकर्स इन प्रकरणों की प्राथमिकता से समीक्षा कर पात्र प्रकरणों में स्वीकृति एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करें। पात्र हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
एनआरएलएम के स्वसहायता समूहों के लिए 82 करोड़ का सीसीएल लक्ष्य MadhyaPradesh
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित स्वसहायता समूहों की क्रेडिट कैश लिमिट (सीसीएल) की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने बताया कि चालू वर्ष में स्वसहायता समूहों के लिए 82 करोड़ रुपये की सीसीएल राशि का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। स्वसहायता समूहों द्वारा बैंकों को ऋण की वापसी भी समय पर की जा रही है। ऐसे में सभी बैंकर्स आवंटित लक्ष्य के अनुसार सीसीएल स्वीकृत एवं वितरित करना सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि अब तक 34 करोड़ 56 लाख रुपये की सीसीएल राशि का वितरण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 92 प्रकरण बैंक भेजे मुख्यमंत्रीउद्यमक्रांतियोजना
समीक्षा के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 70 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध 92 प्रकरण बैंकों को भेजे गए, जिनमें से 36 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं और 29 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है।
संत रविदास स्वरोजगार योजना की भी समीक्षा
अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के अंतर्गत संचालित संत रविदास स्वरोजगार योजना में 19 के लक्ष्य के विरुद्ध 42 प्रकरण बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें से 20 प्रकरण स्वीकृत तथा 15 प्रकरणों में वितरण किया गया है।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना
डॉ. भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना में 48 के लक्ष्य के विरुद्ध 40 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए। इनमें से 15 प्रकरण स्वीकृत हुए हैं तथा 8 प्रकरणों में वितरण किया गया है।
पीएमएफएमई में 91 प्रकरण भेजे, 28 स्वीकृत
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) में 57 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध 91 प्रकरण बैंकों को भेजे गए, जिनमें 28 प्रकरण स्वीकृत तथा 26 प्रकरणों में ऋण वितरण किया गया है।
आदिवासी स्वरोजगार योजनाओं पर भी जोर
आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना में 11 के लक्ष्य के विरुद्ध 32 प्रकरण बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें से 8 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं।
इसी प्रकार टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में 52 के लक्ष्य के विरुद्ध 33 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए गए हैं तथा 14 प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। LatestNews
पशुपालन योजनाओं के लक्ष्य पूरे करने के निर्देश
बैठक में पशुपालन विभाग के अंतर्गत संचालित आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना और बकरीपालन योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंकर्स को इन योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि रोजगारमूलक योजनाओं का उद्देश्य केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को स्थायी आजीविका से जोड़ना भी है। इसलिए विभाग और बैंक मिलकर प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें, ताकि पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें। BreakingNews
बैठक में ये अधिकारी और बैंकर्स रहे मौजूद
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कार्तिकेय जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य, आरबीआई प्रतिनिधि संजय शेजकर, एलडीएम दिनेशचंद्र जाटव, सहायक संचालक उद्योग शुभम अग्रवाल, उप संचालक पशुपालन डॉ. सुभाषबाबू दौहरे, डीपीएम एनआरएलएम सोहनकृष्ण मुदगल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंकर्स उपस्थित रहे।
