गांवों में घरों का मिलेगा कानूनी मालिकाना हक: 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के शिविर, श्योपुर में 77 हजार अभिलेखों की होगी रजिस्ट्री

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श्योपुर, 10 सितंबर 2026
ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में वर्षों से अपने मकानों पर मालिकाना हक रखने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 के तहत अब पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर भू-अधिकार अभिलेखों की रजिस्ट्री की जाएगी। प्रदेश में यह प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर लगने वाले शिविरों में भू-अधिकार अभिलेखों के पंजीयन की सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं और निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी की जाए।

17 सितंबर से शुरू होंगे शिविर, तीन चरणों में होगी रजिस्ट्री

स्वामित्व योजना के तहत पंचायत स्तर पर रजिस्ट्री के लिए तीन चरणों में शिविर लगाए जाएंगे।

पहला चरण: 17 सितंबर से 19 सितंबर 2026
दूसरा चरण: 24 सितंबर से 26 सितंबर 2026
तीसरा चरण: 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर 2026

इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के भू-अभिलेख अधिकार पत्रों का पंजीयन किया जाएगा।

रजिस्ट्री के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरी प्रक्रिया निशुल्क रहेगी। हितग्राहियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा किया जाएगा, जिससे पंजीयन कार्य को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

पटवारी से लेकर तहसीलदार तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए पटवारियों को निष्पादक अधिकारी बनाया गया है।

वहीं तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई, पीसीओ और एडीओ को पंजीयक अधिकारी के रूप में नामित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों के दौरान हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और पंजीयन की पूरी व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए।

श्योपुर में करीब 77 हजार स्वामित्व अधिकार अभिलेखों की प्रक्रिया

श्योपुर जिले में स्वामित्व योजना के तहत करीब 77 हजार स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन की प्रक्रिया की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में स्थित मकानों के संबंध में लोगों को कानूनी मालिकाना हक उपलब्ध कराना है।

रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित हितग्राहियों को उनके मकानों के स्वामित्व का कानूनी अभिलेख उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा।

ग्रामीणों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है स्वामित्व योजना?

ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार लंबे समय से अपने मकानों में निवास कर रहे हैं, लेकिन उनके पास संपत्ति का ऐसा औपचारिक अभिलेख नहीं होता, जिससे मालिकाना हक स्पष्ट रूप से प्रमाणित हो सके। स्वामित्व योजना के तहत ऐसे आबादी क्षेत्रों का सर्वेक्षण और अभिलेखीकरण कर पात्र लोगों को उनके मकानों के स्वामित्व संबंधी अधिकार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाती है।

इससे ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का औपचारिक रिकॉर्ड मिलने के साथ भविष्य में संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

श्योपुर में प्रशासन ने शुरू की तैयारियां

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर शीला दाहिमा, डिप्टी कलेक्टर शिवलाल शाक्य, एसएलआर कुलदीप बोहरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती करीब 77 हजार अभिलेखों की प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने की है। पंचायत स्तर पर शिविरों के आयोजन के साथ ग्रामीण हितग्राहियों तक जानकारी पहुंचाने और उन्हें आवश्यक प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने पर भी जोर रहेगा।

नोट: हितग्राही अपने संबंधित ग्राम पंचायत/राजस्व अधिकारियों से शिविर की स्थानीय तिथि, आवश्यक दस्तावेज और अपनी पात्रता संबंधी जानकारी पहले से प्राप्त कर लें।

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