-
श्योपुर जल प्रदाय परियोजना, श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा, MPUDC Sheopur
Sheopur Mega Project: कंस्ट्रक्शन साइट्स पर नहीं चलेगी लापरवाही, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त निर्देश WaterSupplyProject
-
श्योपुर-बड़ौदा जल प्रदाय परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि, दी गई स्पेशल ट्रेनिंग
-
श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, श्योपुर में ग्राउंड जीरो पर एक्शन
-
-
MPUDC के तहत श्योपुर और बड़ौदा में निर्माणाधीन जल प्रदाय परियोजना में श्रमिकों के लिए सख्त स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण का आयोजन। पढ़ें रिपोर्ट।
श्योपुर, 09 जुलाई 2026 CrimeNationalNews
मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) के तहत श्योपुर और बडौदा में चल रही करोड़ों की निर्माणाधीन जल प्रदाय परियोजना में अब श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कंस्ट्रक्शन साइट्स पर होने वाले हादसों और स्वास्थ्य जोखिमों पर लगाम कसने के लिए कार्यस्थल पर ही एक हाई-लेवल स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कवायद का सीधा मकसद श्रमिकों को एक सुरक्षित कार्य वातावरण देना और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की ढिलाई को रोकना है। MPUDC
ग्राउंड जीरो पर सुरक्षा मानकों की जांच (H2) यह विशेष प्रशिक्षण अभियान ग्राम बनडी स्थित निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) पर चलाया गया। भारी भरकम मशीनों और धूल-धूसरित माहौल के बीच काम करने वाले श्रमिकों को संक्रामक रोगों की रोकथाम और उनके नियंत्रण के कड़े व्यावहारिक गुर सिखाए गए। विशेषज्ञों ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण स्थल पर उड़ने वाली धूल सीधे फेफड़ों पर हमला करती है, जिससे बचने के लिए हर कर्मचारी को सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही कार्यस्थल पर स्वच्छता (हाउसकीपिंग) बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए गए ताकि किसी भी अप्रिय हादसे को टाला जा सके। MadhyaPradesh
सुरक्षा उपकरणों (PPE) के इस्तेमाल पर सख्त हिदायत (H2) परियोजना प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि साइट पर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने की इजाजत किसी को नहीं होगी। प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE Kit), जैसे हेलमेट, सेफ्टी शूज, मास्क और ग्लव्स के सही उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि जान जोखिम में डालकर काम करने की परंपरा को अब पूरी तरह खत्म करना होगा। इस पूरे अभियान का जमीनी समन्वय और कुशल संचालन कम्युनिटी डेवलपमेंट ऑफिसर (CDO) सोनिका शर्मा द्वारा किया गया। सोनिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि विकास के इस बड़े प्रोजेक्ट में काम करने वाले हर एक श्रमिक का जीवन अनमोल है और उनके स्वास्थ्य संरक्षण में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
