ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में तय हुई समय-सीमा, पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, पेसा एक्ट और सीएम हेल्पलाइन पर फोकस
श्योपुर, 2 जुलाई 26
ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद ने जिले के सभी 87 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं के निर्धारित शुल्क का सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जनपद पंचायत श्योपुर एवं विजयपुर के सीईओ, सामाजिक न्याय विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), पंचायत राज, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए), पेसा एक्ट, श्रम विभाग सहित विभिन्न योजनाओं के अधिकारी और ब्लॉक समन्वयक मौजूद रहे।
वर्ष 2026 तक पूरे होंगे सभी पीएम आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि वर्ष 2026 तक सभी स्वीकृत आवासों का निर्माण हर हाल में पूरा कराया जाए। विकासखंड स्तर पर नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंचायतवार प्रगति की निगरानी करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छ भारत मिशन के अधूरे कार्य तय समय में पूरे करने के निर्देश
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यक्तिगत शौचालयों की जियो-टैगिंग, आवास से जुड़े शौचालयों का निर्माण तथा निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालयों के कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
निर्धारित समय-सीमा के अनुसार—
- 15 दिन में टाइल्स कार्य,
- 20 दिन में छत निर्माण,
- तथा एक माह के भीतर सभी शेष निर्माण कार्य पूर्ण करने को कहा गया।
पंचायतों में कर संग्रहण बढ़ाने पर जोर
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के अंतर्गत जल कर, स्वच्छता कर, प्रकाश कर, संपत्ति कर और अन्य स्थानीय करों की 100 प्रतिशत मैपिंग करने तथा नियमित मासिक बिल जारी कर समय पर कर वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक जनपद पंचायत के सीईओ को दो-दो ग्राम पंचायतों तथा आरजीएसए के ब्लॉक समन्वयकों को पांच-पांच ग्राम पंचायतों की नियमित मॉनिटरिंग कर राजस्व संग्रहण बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पेसा ग्राम सभाओं को बनाया जाएगा जनजागरूकता का माध्यम
पेसा एक्ट के अंतर्गत जिला और विकासखंड समन्वयकों को प्रत्येक सप्ताह तीन-तीन ग्राम सभाओं का भ्रमण करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम सभाओं के माध्यम से—
- स्कूल छोड़ चुके बच्चों का पुनः नामांकन,
- महिला जागरूकता,
- नशा मुक्ति अभियान,
- बाल विवाह रोकथाम,
- शिक्षा का प्रचार,
- तालाबों के स्वामित्व संबंधी विषय,
- तेंदूपत्ता संग्रहण,
- तथा पेसा ग्राम सभाओं के सीमांकन जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्य करने को कहा गया।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सख्त रुख
बैठक में सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जनपद पंचायतों के सीईओ और मैदानी अमले को नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर विकास योजनाओं की प्रगति तेज करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा कर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
