मानसून में सतर्क रहने की अपील, सांप काटने पर तुरंत 108 पर कॉल करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें
श्योपुर, 25 जून 26 CrimeNationalNews
मानसून की दस्तक के साथ ही श्योपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की सलाह दी है। कलेक्टर शीला दाहिमा ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि बारिश के मौसम में सांपों के निकलने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने की बजाय तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें और बिना समय गंवाए पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक, ओझा या अंधविश्वास के चक्कर में पड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। MonsoonSafety
मानसून में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
बारिश के मौसम में बिलों और निचले स्थानों में पानी भर जाने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों, खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर निकल आते हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसान, ग्रामीण क्षेत्र के लोग और बच्चे अधिक जोखिम में रहते हैं। SnakeBiteTreatment
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रात के समय बिना टॉर्च के बाहर न निकलें और हमेशा जूते पहनकर ही घर से बाहर जाएं।
इन सावधानियों से टाला जा सकता है खतरा
कलेक्टर ने नागरिकों को सलाह दी है कि—
- खेतों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक चलें।
- जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- घरों के आसपास झाड़ियां और घास साफ रखें।
- घर के अंदर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें।
- जमीन पर सोने से बचें, खाट, तख्त या पलंग का उपयोग करें।
- रात्रि में टॉर्च का इस्तेमाल अवश्य करें।
- किचन, बाथरूम और घर के प्रवेश द्वारों की नियमित जांच करें।
- बाहर निकलते समय पूरे बाजू के कपड़े और मजबूत जूते पहनें।
सांप काटने पर क्या करें? HealthAlert
प्रशासन ने सर्पदंश की स्थिति में अपनाए जाने वाले महत्वपूर्ण कदम भी बताए हैं—
✔ तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा पर कॉल करें।
✔ पीड़ित को शांत रखें और घबराने न दें।
✔ शरीर की गतिविधि कम से कम रखें ताकि जहर तेजी से न फैले।
✔ काटे गए अंग को हृदय के स्तर से नीचे रखें।
✔ घाव को साबुन और साफ पानी से धोएं।
✔ साफ और सूखी पट्टी से ढक दें।
क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए? SheopurNews
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्पदंश के बाद कई पारंपरिक तरीके खतरनाक साबित हो सकते हैं।
❌ घाव पर चीरा न लगाएं।
❌ मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें।
❌ पट्टी को कसकर न बांधें।
❌ पीड़ित को कुछ भी खाने या पीने के लिए न दें।
❌ झाड़-फूंक या ओझा के पास समय बर्बाद न करें।
समय पर इलाज ही बचा सकता है जान SnakeBiteAlert
कलेक्टर शीला दाहिमा ने कहा कि सर्पदंश के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी पीड़ित को चिकित्सकीय सहायता मिलेगी, उसके स्वस्थ होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग या 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें।
सावधानी रखें, सुरक्षित रहें — सर्पदंश से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है।
