श्योपुर, 21 अप्रैल 2026
CrimeNationalNews मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में प्रशासन ने जनसुनवाई को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर शीला दाहिमा ने विजयपुर में आयोजित पहली जनसुनवाई में अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए—“लोग उम्मीद लेकर आते हैं, निराश लौटना नहीं चाहिए।”
जनपद पंचायत विजयपुर सभागार में आयोजित इस जनसुनवाई में 84 आवेदन पहुंचे, जिनमें से कई का मौके पर ही समाधान कर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का संदेश दिया।
Jansunwai मौके पर एक्शन: दिव्यांग बालक को तुरंत पेंशन
जनसुनवाई के दौरान ग्राम सुनवई के दिव्यांग बालक गोलू गौर की पेंशन तत्काल स्वीकृत की गई। अब उसे हर महीने 600 रुपये की सहायता मिलेगी। कलेक्टर के इस फैसले ने मौके पर ही संवेदनशील प्रशासन की झलक दिखा दी।
12 हितग्राहियों को मिला पीएम आवास का हक GovernmentSchemes
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12 हितग्राहियों को राहत मिली। ग्राम लाडपुरा की दिव्यांग महिला लक्ष्मी जाटव सहित हरदौल का पुरा की कैलाशी बाई, शन्नो बाई, संतरा आदिवासी, अनुराधा सपेरा, रेखा, रवीना, ममता, मीना, रेशमा और चमीला के नाम आवास सूची में जोड़ दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए—“एफटीओ तुरंत जारी करें, किसी भी हितग्राही का पैसा अटकना नहीं चाहिए।”
रुकी किस्त पर तुरंत निर्देश
मैदावाली की पिस्ता आदिवासी और पांचों कॉलोनी के चंद्रपाल के मामलों में किस्त अटकी मिलने पर कलेक्टर ने तत्काल एफटीओ दोबारा जारी करने के आदेश दिए। साफ संदेश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
MPNews “दिव्यांग मामलों में मानवीय दृष्टिकोण जरूरी”
हरदौलपूरा के मानसिक दिव्यांग बालक मेहताब के मामले में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया 7 दिन में पूरी करें। जरूरत पड़े तो घर जाकर दस्तावेज तैयार कराएं।
SambalYojana संबल और किसान सम्मान निधि पर भी एक्शन
सारंगपुर के बवन आदिवासी को मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना का लाभ देने और लाडपुरा के मिथिलेश जाटव को पीएम किसान सम्मान निधि से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
हर हफ्ते होगी समीक्षा, अधिकारियों की बढ़ेगी जवाबदेही
CollectorAction कलेक्टर शीला दाहिमा ने साफ कर दिया—अब जनसुनवाई के आवेदनों पर हर सप्ताह समीक्षा होगी। यानी फाइल दबाने का दौर खत्म, अब हर आवेदन पर जवाब देना होगा।
निष्कर्ष CollectorAction
विजयपुर की जनसुनवाई ने साफ कर दिया—
अब “काम टालो” नहीं, “काम करो” का दौर शुरू हो चुका है।
प्रशासन अलर्ट मोड में है और जनता को सीधे राहत देने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
