श्योपुर, 31 मार्च 2026
CrimeNationalNews जनगणना-2027 को लेकर श्योपुर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। 1 मई से मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम शुरू होगा, जिसे 30 मई तक पूरा किया जाएगा। प्रशासन ने इस महाअभियान के लिए 1420 प्रगणक और 238 सुपरवाइजर तैनात कर दिए हैं।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देशन में यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहला चरण मई 2026 में और दूसरा चरण फरवरी 2027 में संपन्न होगा।
डिजिटल होगी पूरी जनगणना, खुद भी भर सकेंगे जानकारी
Census2027 इस बार जनगणना पूरी तरह हाईटेक और डिजिटल मोड में होगी। स्व-गणना पोर्टल (SE Portal) और मोबाइल एप (HLO App) के जरिए डेटा कलेक्शन किया जाएगा। नागरिक चाहें तो खुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं, जिसे बाद में प्रगणक सत्यापित करेंगे।
जनगणना प्रबंधन और निगरानी के लिए CMMS पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।
1658 कर्मियों की फौज, हर इलाके में तैनाती
जिला योजना अधिकारी गिर्राज शर्मा के मुताबिक, जिले में कुल 1658 प्रगणक और सुपरवाइजर (रिजर्व सहित) नियुक्त किए गए हैं।
- 1282 प्रगणक + 138 रिजर्व
- 212 सुपरवाइजर + 26 रिजर्व
तहसीलवार तैनाती भी तय कर दी गई है, जिससे हर गांव और शहर तक सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें।
CensusUpdate 1 अप्रैल से ट्रेनिंग, 26 फील्ड ट्रेनर देंगे प्रशिक्षण
जनगणना को त्रुटिरहित बनाने के लिए 26 फील्ड ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं। इनका तीन दिवसीय प्रशिक्षण 1 से 3 अप्रैल तक जिला पंचायत सभागार में होगा। इसके बाद यही ट्रेनर प्रगणक और सुपरवाइजर्स को ट्रेनिंग देंगे।
33 बिंदुओं पर होगी पूछताछ, घर-घर जुटेगा डेटा
DigitalIndia जनगणना के दौरान अधिकारियों द्वारा 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्य, सामाजिक वर्ग, शिक्षा, रोजगार, पानी-बिजली, शौचालय, इंटरनेट, वाहन, मोबाइल से लेकर रसोई के ईंधन तक हर पहलू शामिल होगा।
जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
PublicData प्रशासन ने साफ किया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। इसका उपयोग किसी भी न्यायालय या जांच में साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
अपील: सही जानकारी दें, अभियान सफल बनाएं
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना के दौरान सही और पूरी जानकारी दें, ताकि विकास योजनाओं की सटीक रूपरेखा तैयार की जा सके
